गैर जिम्मेदाराना विपक्ष देश की साख के लिये कितना बड़ा खतरा

       


   


      गैर जिम्मेदाराना विपक्ष देश की साख के लिये कितना बड़ा खतरा

संजय सक्सेना,लखनऊ

हमारे जिम्मेदार नेता बिना किसी सबूत और तर्को के  गैर जिम्मेदाराना बयान देने में माहिर हो गए हैं। यही वजह है कांग्रेस अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण कुर्सी पर विराजमान मल्लिकार्जुन खरगे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दावा करते हैं कि प्रयागराज में गत मौनी अमावस्या के स्नान के अवसर पर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या हजारों में है,लेकिन यह बात किस आधार पर वह कह रहे थे इसका राज्यसभा में कोई प्रमाण नहीं दे पाये। इसी तरह से समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मौजूदा सांसद अखिलेश यादव बजट सत्र के दौरान कह रहे थे कि उन्हें बजट के नहीं महाकुंभ में श्रद्धालुओं की मौत के आकड़े चाहिए हैं। अखिलेश कह रहे हैं कि महाकुंभ की जिम्मेदारी सेना को सौंप दी जाये। अखिलेश यादव हमलावर हैं तो उनकी पार्टी के अन्य नेता भी जहर उगलने में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी की मेहबानी से राज्ससभा पहुंची पूर्व अभिनेत्री जयाप्रदा और प्रोफेसर रामगोपाल यादव भी योगी पर हमलावर हैं।  जयाप्रदा ने तो यह तक कह दिया कि महाकुंभ में गंगा का पानी सबसे ज्यादा प्रदूषित है। भगदड़ में मरने वालों के शव गंगा में फेंके गये हैं।इसके चलते पानी प्रदूषित हो गया है।सपा सासंद रामगोपाल यादव भगदड़ में मारे गये श्रृद्धालुओं की संख्या हजारों में हैं। रामगोपाल ने भी दावा किया कि शवों को गंगा में बहा दिया गया है। महाकुंभ हादसे पर दोनों सदनों में चर्चा के लिये विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर दबाव बना रहा है। इसी सियासत में राहुल गांधी भी कहीं पीछे नहीं रहना चाहते हैं। राहुल महाकुंभ हादसे पर तो योगी सराकर के खिलाफ गुस्सा प्रकट कर ही रहे हैं, इसके अलावा भी वह कई तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तो इतने गुस्से में हैं कि उन्हें हिन्दुस्तान और मोदी सररकार के अलावा सभी देश खासकर चीन बेहद रास आने लगा है।लोकसभा में राहुल गांधी सवाल खड़े करते हैं कि  विदेश मंत्री एस. जयशंकर इसलिए बार-बार अमेरिका जा रहे थे, ताकि भारतीय प्रधानमंत्री को डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जाए। इस पर हैरानी नहीं कि न केवल लोकसभा में संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी की इस विचित्र बात पर आपत्ति जताई, बल्कि विदेश मंत्री जयशंकर ने भी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि वह ऐसी बात कहकर भारत की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ने  यह भी कहा कि राहुल गांधी के झूठ का उद्देश्य राजनीतिक हो सकता है, लेकिन वह विदेश में देश को नुकसान पहुंचाने वाला है। इसमें संदेह है कि विदेशी मंत्री के प्रतिवाद का राहुल गांधी की सेहत पर कोई असर पड़ेगा और वह मिथ्या बातें करने से बचेंगे। संदेह का कारण यह है कि वह प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी को कोई महत्व नहीं देते। आखिर यह किसी से छिपा नहीं कि वह उनके खिलाफ तू-तड़ाक वाली भाषा का उपयोग करते रहे हैं। विडंबना यह है कि इस आदत का परित्याग वह नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के बाद भी नहीं कर पा रहे हैं। समस्या केवल यह नहीं कि वह प्रधानमंत्री पद की गरिमा की परवाह नहीं करते। समस्या यह भी है कि वह प्रायः ऐसी बचकानी बातें कर जाते हैं, जो राष्ट्रीय हितों के प्रतिकूल होती हैं या दूसरे देशों से संबंधों पर बुरा असर डालती हैं।जब राहुल गांधी राफेल विमान सौदे में कथित दलाली खोज लाए थे, तो यहां तक कह गए थे कि खुद फ्रांस के राष्ट्रपति ने उन्हें बताया था कि दोनों देशों में ऐसा कोई समझौता नहीं, जो राफेल विमान की कीमत बताने से रोकता हो। उनके इस झूठ का खंडन फ्रांस की सरकार को करना पड़ा था। इसी तरह डोकलाम विवाद के समय वह विदेश मंत्रालय को बताए बिना चीनी दूतावास जाकर उसके राजदूत से मिल आए थे। यह बात जब सार्वजनिक हुई तो कांग्रेस ने पहले खंडन किया, फिर यह बेतुकी सफाई पेश की कि वह विवाद की वजह समझने चीनी राजदूत से मिलने गए थे।

राहुल गांधी के विवादित बयानबाजी पर बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने  मांग की कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जो छह आरोप लगाये हैं, यदि वह इन्हें प्रमाणित नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें सदन की सदस्यता से निष्कासित किया जाना चाहिये। श्री दुबे ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नेता प्रतिपक्ष से कहा था कि वह नियम 115 (1) के तहत जो भी आरोप लगा रहे हैं, उन्हें प्रमाणित करें। उन्होंने छह बिन्दु उठाये हैं। उन्होंने कहा कि वह बहुत दुखी मन से कह रहे हैं कि वह पहली बार एक ऐसा नेता प्रतिपक्ष देख रहे हैं जो भारत को कमजोर करने, टुकड़े टुकड़े करने, के उद्देश्य से सोसाइटी को बरगला रहा है, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के मंच का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, श्मैं चुनौती देता हूं कि श्री राहुल गांधी अपने भाषण में उठाये गये 6 बिन्दुओं को प्रमाणित करें, इनके जवाब में, मैं जो कहूंगा उसे प्रमाणित करूंगा। श्री दुबे ने कहा कि देश में मोबाइल एवं खिलौने चीन निर्मित आने के बारे में श्री गांधी को जानना चाहिए कि वर्ष 1996कृ97 में वाणिज्य मंत्री के रूप में पी चिदंबरम ने आईटीएकृ1 समझौते पर पैसे लेकर हस्ताक्षर कर दिये थे जिसके बाद देश में शून्य प्रतिशत शुल्क पर आयात संभव हो गया और भारत के बाजार चीनी खिलौनों एवं मोबाइल से पट गये।

   बता दें कुछ वर्षो पूर्व कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के मोदी सरकार के फैसले की राहुल गांधी की अनावश्यक आलोचना को पाकिस्तान ने अपने पक्ष में भुनाने का काम किया था। अब भी वह सीमा विवाद पर चीन की बातों को अहमियत देते हैं और भारत सरकार की जानकारी पर यकीन नहीं करते। यह समझ आता है कि वह घरेलू मुद्दों पर सरकार को घेरें और उसकी आलोचना करें, लेकिन कम से कम ऐसी निराधार और मनगढ़ंत बातें तो न करें, जिससे प्रधानमंत्री पद का उपहास उड़े।


Post a Comment

0 Comments