


मौनी अमावस्या पर 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु लगा सकते हैं संगम में डुबकी शिखर प्रसंग समाचार
मौनी अमावस्या का स्नान 29 जनवरी को है, जिसे कुंभ मेले का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है। इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुमान लगाया है कि संगम पर इस दिन 8-10 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस बड़े आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों और परिवहन सुविधाओं की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने रेलवे विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन को समयबद्ध और नियमित बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में बसों, शटल सेवाओं और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
नेटवर्क और ट्रैफिक प्रबंधन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि संचार व्यवस्था में कोई बाधा न आए। भीड़ प्रबंधन के लिए 27 जनवरी से ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की संख्या और चुनौतीपूर्ण व्यवस्थाएं
मौनी अमावस्या के दिन सबसे अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान करने की संभावना को देखते हुए जिला और मेला प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती है। इसके लिए अगले हफ्ते मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
महाकुंभ 2025 का अब तक का आयोजन
13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुए 45 दिवसीय महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पहले दो दिनों में ही 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाई। मकर संक्रांति के दिन अमृत स्नान पर 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
योगी सरकार और कुंभ प्रशासन की तैयारी को देखकर उम्मीद की जा रही है कि मौनी lअमावस्या का स्नान भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा।
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