अमित शाह ने महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी
शिखर प्रसंग समाचार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार को प्रयागराज पहुंच कर मंत्रोचारण के साथ साधू संतों की उपस्थिति में महाकुंभ के मौके पर संगम में स्नान किया।केन्द्रीय मंत्री अमित शाह का पूरा परिवार भी उनके साथ संगम में डुबकी लगाते दिखा। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि ‘महाकुंभ’ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। कुंभ समरसता पर आधारित हमारे सनातन जीवन-दर्शन को दर्शाता है। आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने का अवसर प्राप्त हुआ। इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ योगी कैबिनेट भी आज महाकुंभ में पवित्र डुबकी लगा रहा है। गृह मंत्री का पुरी और द्वारका के शंकराचार्य सहित कई संतों से मिलने का भी कार्यक्रम है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। मेला क्षेत्र में आज ही धर्म संसद का भी आयोजन किया गया है।
उधर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र को आज से वाहन रहित क्षेत्र घोषित किया है। यह फैसला 29 जनवरी को आगामी अमृत स्थान मौनी अमावस्या के अवसर पर संभावित भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए लिया गया है। एकीकृत नियंत्रण और कमान केंद्र को भीड़ पर नजर रखने तथा संगम पर अत्यधिक श्रद्धालुओं के जुटने पर नियंत्रण के लिए सक्रिय किया गया है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिक भीड-भाड वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए गए हैं।अमित शाह सुबह 11.25 बजे बमरौली हवाई अड्डे पहुंचे।
गृहमंत्री ने हाल ही में गुजरात दौरे के दौरान कहा था कि वो 27 जनवरी को महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाएंगे। अमित शाह ने कहा था कि 144 साल में एक बार ऐसा महाकुंभ का अवसर मिला है। हर किसी को इसमें जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं अपने जीवन में 9 बार कुंभ में गया हूं, अर्धकुंभ भी देखा है। उन्होंने कहा था कि कुंभ सद्भाव और एकता का संदेश देता है। शाह ने गुजरात के युवाओं से महाकुंभ में आने का भी आग्रह किया था।
गृहमंत्री ने कुंभ की सांस्कृतिक महत्ता समझाई थी। कहा कि कुंभ सद्भाव और एकता का संदेश देता है क्योंकि इसमें यह नहीं पूछा जाता कि आप किस धर्म, संप्रदाय या जाति से हैं। बिना किसी भेदभाव के भोजन मिलता है। दुनिया में कोई भी आयोजन सद्भाव और एकता के मामले में महाकुंभ जितना शक्तिशाली संदेश नहीं देता। महाकुंभ में कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान की परवाह किए बिना गंगा में स्नान कर सकता है।
वहीं, महाकुंभ मेले में आज विराट सनातन धर्म संसद भी होगी। कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की अगुवाई में इसका आयोजन सेक्टर 17 में शांति सेवा शिविर में दोपहर 12 से है। इसमें देशभर के साधु-संत, शंकराचार्य और 13 अखाड़ों के प्रमुख शामिल होंगे। इस धर्म संसद का उद्देश्य समस्त सनातनियों को एकजुट करना है।
बता दें, दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ में भाग लेने के लिए त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, 26 जनवरी 2025 तक 13.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। यह आंकड़ा लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है।

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