यूपी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन हुआ नहीं, लेकिन राहुल गांधी पर आई आफत तो मैदान में उतरी अखिलेश की सेना



यूपी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन हुआ नहीं, लेकिन राहुल गांधी पर आई आफत तो मैदान में उतरी अखिलेश की सेना

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद वहां हुए कथित तौर पर हुए ‘शुद्धिकरण’ मामले को छेड़ने पर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. राहुल गांधी के खिलफ दलित एक्ट के तहत मुकदमा कराया गया है. दरअसल, राहुल गांधी युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में बता रहे थे कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जैसे बड़े नेता के साथ आज भी इस तरह का व्यवहार हो रहा है तो भला समाज के निचले तबके में किस हद तक छूआछूत की घटनाएं होती होंगी. इसके लिए राहुल गांधी उदाहरण के तौर पर कहा था कि चाय की दुकानों पर सवर्णों को कांच या स्टील के ग्लास में चाय दी जाती है और दलितों और पिछड़ों के लिए डिस्पोजल ग्लास रखे जाते हैं. कांग्रेस सांसद खरगे के साथ हुई इस घटना में मुकदमा दर्ज करने की मांग करते दिखे, जिसके बाद उल्टा उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है. राहुल गांधी के खिलाफ दलित एक्ट में मुकदमा होने के बाद समाजवादी पार्टी के बड़े बड़े नेता बचाव में उतर गए हैं.

राहुल गांधी के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए?

पुलिस ने बताया कि हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े हुए हैं. पुलिस के अनुसार, शिकायत में राहुल गांधी को आरोपी बनाया गया है. अमित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इस विवाद को लेकर अपनी टिप्पणी में यज्ञ कार्यक्रम को जातिगत रंग दिया और इससे जुड़े लोगों को ‘छुआछूत मानने वाला’ और ‘दलित विरोधी’ बताने का प्रयास किया. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. अमित कुमार ने कहा कि कार्यक्रम में अनुसूचित जाति सहित विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे और इसका कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं था. पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और इनमें अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर कृत्यों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं. इसके अलावा प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं.

खरगे ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने साथ हुई घटना को राज्यसभा में उठाया था, जहां केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इसे बेहद निराशाजनक बताया था. साथ ही इसकी जांच कराने की बात कही थी थी. खरगे ने सदन को बताया था कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को उनकी जनसभा के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किया था. इस मुद्दे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनके राज्य में शायद ही लोग जानते होंगे कि मल्लिकार्जुन खरगे किस जाति से आते हैं. जहां तक यज्ञ की बात है तो कांग्रेस के कार्यक्रम में देश विरोधी नारेबाजी और बयानबाजी हुई थी, जिसके चलते वहां ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ कराया गया था.

राहुल गांधी के बचाव में उतरी समाजवादी पार्टी

भले ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा होने पर अखिलेश यादव की पार्टी के बड़े नेता बचाव में उतर आए हैं. अखिलेश यादव के भाई और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- ‘यह तो बीजेपी के लोग षड्यंत्र करते रहते हैं. विपक्षी लोग जो लोग संघर्ष कर रहे हैं उनके ऊपर इस तरह की घटनाएं या एफआईआर या अन्याय ये तो चल रहा है. लेकिन विपक्ष के लोग घबराने वाले नहीं है. मुझे उम्मीद है राहुल जी भी नहीं घबराएंगे और हमारे नेता अखिलेश यादव के तो संघर्ष से पूरा देश उनका लोहा मान ही चुका है. सत्ता पक्ष पूरी तरह से घबरा गया. 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता इस तरह की हरकतों को जवाब देने के लिए तैयार बैठी है.’राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा ‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. यह ठीक वैसा ही है जैसा उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. जहां तक शुद्धिकरण का सवाल है सबको मालूम है कि उत्तराखंड में खरगेजी का जहां कार्यक्रम हुआ था उस स्थान का शुद्धिकरण किया गया. क्योंकि मलिकार्जुन खरगे दलित हैं तो लोगों ने उस स्थान को शुद्ध किया और ये कोई काम नया नहीं है. अखिलेश यादव कन्नौज के एक मंदिर में गए उस मंदिर को धोया गया. अखिलेश यादव जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और योगी आदित्यनाथ बन गए मुख्यमंत्री तो मुख्यमंत्री कार्यालय को धोया गया. निवास को धोया गया तो एक ज़हनियत है. एक मानसिकता है और उस मानसिकता को रिप्रेजेंट करती है भारतीय जनता पार्टी.’

कांग्रेस कह रही राहुल गांधी पर मुकदमा बीजेपी की मति मारी गई

राहुल गांधी के खिलाफ उल्टा मुकदमा होने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इनकी मति मारी गई. राहुल गांधी जी ने क्या सवाल उठाया था? खरगे साहब के कार्यक्रम के बाद आप शुद्धिकरण कर रहे थे. राहुल गांधी ने इसपर सवाल उठाया. खरगे साहब ने संसद में इस बात को बोला था. जेपी नड्डा ने निंदा की थी. उल्टा आप एफआईआर राहुल गांधी पर करा रहे हो. अब इन लोगों को शुद्धिकरण की जरूरत है. इनके इनकी मति मारी गई.यूपी कांग्रेस के प्रभारी और दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने ‘कुल्हाड़ी पर पैर मार लिया है’ और अब देश का दलित समुदाय इसका जवाब देगा. पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख और उत्तर प्रदेश प्रभारी गौतम ने एक वीडियो जारी कर यह भी कहा कि कांग्रेस न्याय के लिए लड़ती रहेगी और पार्टी के लोग डरने वाले नहीं हैं.उन्होंने आरोप लगाया, ‘राहुल गांधी ने केवल मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने उलटे राहुल गांधी के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कर दी.’ उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ बताते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में दलित समुदाय के लोगों का इस्तेमाल किया है. गौतम ने दावा किया कि ‘शुद्धीकरण’ के मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और संविधान का उल्लंघन किया गया है.

राहुल गांधी तुच्छ राजनीति कर रहे: बीजेपी

वहीं बीजेपी की तरफ से गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर तुच्छ राजनीति कर रही है, क्योंकि विपक्षी पार्टी जानती है कि 2027 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गांधी को यह मुद्दा उठाने में तीन हफ्ते क्यों लगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने कई मौकों पर खरगे का अपमान किया है. उन्होंने कहा, ‘यह अलग बात है कि उनका (खरगे का) आरोप सही है या गलत, लेकिन राहुल गांधी को इसकी कोई परवाह नहीं थी. वह तीन हफ्ते तक सोते रहे.’ बीजेपी नेता ने कहा- ‘भारत में राहुल गांधी से अधिक गैर-जिम्मेदार, दलित-विरोधी और पिछड़ा वर्ग-विरोधी नेता कभी नहीं हुआ.’

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